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LSG ने शनिवार को 9.80 की रन रेट से बल्लेबाज़ी की। वहीं अर्शदीप ने 17.33 की इकॉनमी से रन दिए और उन्हें आख़िरी ओवर भी नहीं मिला।
रायुडू ने ESPNcricinfo टाइमआउट शो में कहा, “मुझे लगता है कि उनकी लेंथ सबसे बड़ी समस्या है। वह ऐसे गेंदबाज़ नहीं हैं जिन्हें बहुत ज़्यादा शॉर्ट गेंदें फेंकनी चाहिए। डेथ ओवरों में भी उन्हें यॉर्कर डालनी चाहिए। नई गेंद से भी जब उन्होंने फुल गेंदें डालीं। पहली गेंद को छोड़ दें, जो कवर के जरिए चौके के लिए गई, तो उनकी फुल लेंथ गेंदों पर उतने रन नहीं पड़े जितने शॉर्ट ऑफ़ लेंथ या शॉर्ट गेंदों पर पड़े।”
“उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा क्योंकि फ़िलहाल उनकी शॉर्ट गेंद में पहले जैसी धार नहीं दिख रही। शायद शरीर थका हुआ है या कुछ महीने पहले जैसी ऊर्जा नहीं बची। लेकिन इसकी भरपाई उन्हें फुल गेंदबाज़ी करके करनी होगी।”
दिलचस्प बात यह है कि IPL 2025 की तुलना में इस सीजन अर्शदीप को फुल या गुड लेंथ गेंदों पर कम सफलता मिली है। पिछले साल ऐसी गेंदों पर उनके नाम 10 विकेट थे। साथ ही इस दौरान इकॉनमी 8.45 और औसत 24.5 था। इस सीजन उनके नाम सिर्फ़ सात विकेट हैं और उन्होंने 9.91 की इकॉनमी और 35.14 की औसत से गेंदबाज़ी की है।
शनिवार को हालांकि उनकी लगभग हर तरह की गेंद पर रन पड़े। रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने 18 में से 12 गेंदें फुल या लेंथ पर डालीं, जबकि सिर्फ़ छह गेंदें शॉर्ट या शॉर्ट ऑफ़ गुड लेंथ थीं।
फिर भी रायुडू की बात सही लगती है क्योंकि अर्शदीप हमेशा तब ज़्यादा खतरनाक दिखे हैं जब उन्होंने गेंद को ऊपर रखा और हवा में स्विंग हासिल की।
अर्शदीप इस साल T20 विश्व कप में जसप्रीत बुमराह के बाद भारत के दूसरे प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ थे। उन्होंने टूर्नामेंट में आठ मैचों में नौ विकेट लिए थे और भारत के खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी इकॉनमी 8.46 रही थी।
बाउचर ने कहा, “मुझे लगता है कि यह सिर्फ़ थकान की वजह से है। T20 विश्व कप के बाद तुरंत IPL खेलना पड़ा और लगातार क्रिकेट का असर दिख रहा है। इसका उनकी स्किल या टैलेंट से कोई लेना देना नहीं है। किसी ना किसी समय थकान खिलाड़ियों पर असर डालती ही है, यह स्वाभाविक है।”
“वह शायद थोड़ा थके हुए हैं। लेकिन एक बात यह है कि उन्हें पता है कि उन्हें खेलना ही है। वह ऐसे विदेशी खिलाड़ी नहीं हैं जिन्हें आराम दिया जा सके। उन्हें हर मैच खेलना पड़ता है। शायद यही वजह है कि उन्हें अपनी स्किल पर भरोसा रखना चाहिए। मुझे लगता है कि वह नई गेंद से दोनों तरफ़ स्विंग कराने की बहुत ज़्यादा कोशिश कर रहे हैं।”
थकान हो या कुछ और, जैसा बाउचर ने कहा, अगर PBKS को आगे एक और मैच खेलने का मौक़ा मिलता है तो अर्शदीप टीम में ज़रूर होंगे। अब यह बाक़ी नतीजों पर निर्भर करेगा। अगर उन्हें मौक़ा मिला, तो उनके पास इस ख़राब सीजन की भरपाई करने का एक और अवसर होगा।
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